
छात्राओं ने गीत, नृत्य, नाटक, योग और दंड प्रदर्शन से दी प्रस्तुति
उज्जैन। प्रसिद्ध नाटककार एवं संगीतसूर्य केशवराव भोसले की 136वीं जयंती सेवा भारती बालिका छात्रावास की बालिकाओं के साथ उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर छात्रावास की बालिकाओं ने समूह गीत, नृत्य, नाटक, योग प्रदर्शन, दंड प्रस्तुति तथा श्रीमद्भगवद्गीता के बारहवें अध्याय का पाठ प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी कला एवं प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध नाटककार श्री दुर्गेश बाली ने कहा कि नाटक ऐसी कला है, जो दृश्य-श्रव्य माध्यम के जरिए सीधे दर्शकों के हृदय तक पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि संगीतसूर्य केशवराव भोसले ने अपना पूरा जीवन संगीत नाटक को समर्पित किया। उन्होंने संगीत नाटक की परंपरा को व्यापक रूप से लोगों के सामने प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन भी एक नाटक की तरह है, जिसमें हम समय-समय पर विभिन्न भूमिकाएं निभाते हैं। विद्यार्थियों को नाट्य विधा में भाग लेकर अपनी सृजनशीलता और प्रतिभा को विकसित करना चाहिए।
श्री मानसिंह शरद ने कहा कि छात्राओं को संगीत, नाट्य, साहित्य और क्रीड़ा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रुचि लेकर अपने जीवन को समृद्ध बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगीतसूर्य केशवराव भोसले ने अल्प आयु में ही अपने जीवन और कार्यों के माध्यम से समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत किया।
संगीतसूर्य केशवराव भोसले सामाजिक-सांस्कृतिक परिषद, मध्यप्रदेश प्रांत की अध्यक्ष डॉ. नेत्रा रावणकर ने कहा कि वर्तमान यंत्रयुग में संगीत, साहित्य और नाटक तनावमुक्त जीवन जीने की कला सिखाते हैं। ये विधाएं व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का संचालन छात्रावास की बालिकाओं ने किया। आभार प्रदर्शन श्रीमती अंजलि वैशम्पायन ने किया। इस अवसर पर अशोक रावणकर, प्रीति तेलंग, पद्मा कुबे, टीना सोलंकी और विजेता शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सभी छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
(सद्वार्ता)